प्रवेश · प्रण
पहले यह प्रण, फिर आपकी जानकारी, फिर खबर।
भाषा
मैं इस अस्तित्व को हाजिर नाजिर मान कर प्रण लेता हूं कि मैं सच्ची ईमानदारी से अपने परिवार, गांव, शहर, राज, देश , भाषा, धर्म, संस्कृति, धरती माँ और इस कुदरत को बचाने के लिए अपने प्राण तक निशावर कर सकता हूं। अगर मैं कुछ भी गलत करता हूं तो उसका जिम्मेदार मैं ख़ुद होऊँगा।

संस्थापक · प्रधान एंकर
Daljit Singh Khatri · अरोड़ा खत्री
खत्री जागरण मिशन · टोरंटो / ब्रैम्पटन, कनाडा
मुझे इतिहास और फिलॉसफी से इश्क है, अध्यात्म मेरी जान है, लिखना रब की बंदगी, खुद को खोजना मेरा लक्ष्य है।